Bihar Matsya Yojana 2026: मछली पालन पर मिलेगा ₹8 लाख से अधिक अनुदान, ऑनलाइन आवेदन शुरू

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Bihar Matsya Yojana 2026: राज्य में मछली पालन करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। मत्स्य पालन से जुड़ी अलग-अलग योजनाओं का लाभ उठाने के लिए अब ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं। विभाग इन सभी योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए अलग-अलग नोटिस जारी कर रहा है। इस लेख में बताया गया है कि कौन-कौन सी योजनाओं के लिए आवेदन किए जा सकते हैं और इनका लाभ कैसे उठाया जा सकता है।

Bihar Matsya Yojana 2026: इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है। अगर आप आवेदन करना चाहते हैं, तो पूरी जानकारी पाने के लिए यह लेख पूरा पढ़ें। ऑनलाइन आवेदन करने या योजना के बारे में और जानने के लिए, कृपया नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Bihar Matsya Yojana 2026: Overviews

योजना का नामBihar Matsya Yojana 2026
विभागमत्स्य संसाधन विभाग, बिहार
योजना का उद्देश्यमछली पालन को बढ़ावा देना
लाभ₹8 लाख से अधिक तक अनुदान
आवेदन की स्थितिऑनलाइन आवेदन शुरू
आवेदन का माध्यमऑनलाइन
लाभार्थीपात्र मछली पालक/इच्छुक लाभार्थी

Bihar Matsya Yojana 2026

Bihar Matsya Yojana 2026: बिहार का डेयरी, मत्स्य और पशु संसाधन विभाग मछली पालन से जुड़ी कई योजनाएं चलाता है। इस लेख में, हम इनमें से कुछ प्रमुख योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

अगर आप मछली पालन करने वाले किसान हैं, तो इन योजनाओं के बारे में पूरी जानकारी पाने के लिए यह लेख ज़रूर पढ़ें। इससे आपको उपलब्ध विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में जानने और उनका लाभ उठाने के लिए आवेदन करने का तरीका समझने में मदद मिलेगी।

Bihar Matsya Yojana 2026: इस लेख में आप शामिल की गई खास योजनाओं, उनसे मिलने वाले लाभों और इन लाभों को पाने के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी पढ़ सकते हैं।

  1. विशेष घटक पैकेज योजना 2026-27
  2. मत्स्य प्रशिक्षण एवं प्रसार योजना 2026-27
  3. मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना 2026 
  4. मत्स्य प्रजाति का विविधकरण योजना 2026-27 

विशेष घटक पैकेज योजना 2026-27

इस योजना का मुख्य उद्देश राज्य के अनुसूचित जाति/ जनजाति तथा अति पिछड़ा वर्ग के मत्स्य कृषको को विशेष पैकेज सहायता के तालाब निर्माण , बोरिंग पम्पसेट /समरसेबुल/ ट्यूबवेल / सोलर पम्पसेट का अधिष्ठापन , मत्स्य इनपुट शेड का निर्माण , यांत्रिक रेटर आदि सम्बद्ध सहायक इकाईयों का एक एक “पैकेज सहायता” प्रदान किया जाना है |

विशेष घटक पैकेज योजना 2026-27 में दो प्रकार की योजना चलाई जाती है |

  1. तालाब मत्स्यिकी विशेष सहायता योजना
  2. पठारी क्षेत्र तालाब निर्माण आधारित मत्स्य पालन योजना (खास तौर पर अनुसूचित जाति/जनजाति के लाभुकों के लिए है |)
तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना
इकाई लागतयूनिटअनुदान 
₹5.27 लाख प्रति यूनिट0.4 एकड़ जलक्षेत्रअनुसूचित जाति/जनजाति के लिए 70%
पठारी क्षेत्र तालाब निर्माण आधारित मत्स्य पालन योजना
इकाई लागतयूनिटअनुदान
₹10.34 लाख प्रति यूनिट0.4 एकड़80%

मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना 2026

इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में बड़े पैमाने पर उपलब्ध निजी चौर भूमि को मत्स्य आधारित समेकित जलकृषि हेतु विकसित करना है, जिससे अव्यवहत पड़े चौर संसाधनों में मछली पालन के साथ-साथ कृषि, बागवानी एवं कृषि वानिकी का अभिसरण कर उत्पादन एवं उत्पादकता में अभिवृद्धि की जा सके।

चौर विकास के मॉडल इकाई लागतअनुदान
एक हेक्टर रकवा में दो तालाब का निर्माणरू 8.88 लाख प्रति हे.सभी वर्ग के लाभूकों को 50
प्रतिशत एवं उद्यमी आधारित
चौर विकास में 40 प्रतिशत
अनुदान देय है।
एक हेक्टर रकवा में चार तालाब का निर्माणरू 7.32 लाख प्रति हे.
एक हेक्टर रकवा में एक तालाब का निर्माण एवं भूमि विकासरू 9.69 लाख प्रति हे.

योजना का क्रियान्वयनः- योजनान्तर्गत चौर विकास हेतु “लाभुक आधारित चौर विकास” एवं “उद्यमी आधारित चौर विकास” का क्रियान्वयन किया जाना है।

मत्स्य प्रशिक्षण एवं प्रसार योजना 2026-27

योजना का मुख्य उद्देश राज्य के मत्स्य कृषको को नवीनतम मत्स्यिकी एवं मत्स्य पालन तकनीक में प्रशिक्षण करते हुए अम्त्स्य उत्पादन एवं मत्स्य पालकों के वार्षिक आय में अभिवृद्धि करना है | यह मत्स्य प्रशिक्षण नि:शुल्क है , जिसमे लाभार्थी के निबंधन शुल्क के अतिरिक्त कोई भी राशी नहीं ली जा रही है |

योजना का लाभ :

मत्स्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत राज्य के बाहर एवं राज्य के अन्दर अवस्थित प्रतिष्ठित मत्स्यिकी संस्थानों में मत्स्य कृषकों /मछुआरों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जायेगा |

प्रशिक्षण योजनान्तर्गत केवल राज्य के बाहर के प्रशिक्षण संस्थानों में जाने -आने हेतु प्रशिक्षणार्थियों को मार्ग व्यय देय होगी |
इस योजना के तहत राज्य के अन्दर के प्रशिक्षण संस्थानों/केन्द्रों में प्रशिक्षण हेतु मार्ग व्यय की अनुमन्यता नहीं होगी |

मत्स्य प्रजाति का विविधकरण योजना 2026-27

माइनर कार्प पालन
इकाई लागत अनुदान प्रतिशत सरकारी अनुदान राशी
रु. 94,00060 %56,400 
कैटफिश एवं अन्य प्रजाति पालन 
इकाई लागत अनुदान प्रतिशत सरकारी अनुदान राशी
रु. 1,35,000 60 %81,000 
झींगा पालन
इकाई लागत अनुदान प्रतिशत सरकारी अनुदान राशी
रु. 1,10,000 60 %66,000
मोती पालन
इकाई लागत अनुदान प्रतिशत सरकारी अनुदान राशी
रु.  2,24,60060 %1,34,760

Bihar Matsya Yojana 2026: दस्तावेज 

  • आधार कार्ड
  • निर्माण प्रमाण पत्र
  • भूमि का कागजात (खतियान , रसीद पट्टा)
  • बैंक पासबुक (DBT हेतु)
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • मोबाइल नंबर
  • अन्य आवश्यकता दस्तावेज (योजना अनुसार)

Bihar Matsya Yojana 2026: ऐसे करे ऑनलाइन आवेदन

  • इसके लिए आवेदन करने के लिए आपको सबसे पहले इसके ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा | 
  • इसका लिंक आपको निचे मिल जायेगा | 
  • वहां जाने के बाद आपको इसके लिए आवेदन करने का लिंक मिलेगा | 
  • जिस पर आपको क्लिक करना होगा |
  • इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खुलेगा |
  • जहाँ से आपको अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा |
  • इसके बाद आपको इसका Login ID & Password मिलेगा |
  • जिसके माध्यम से Login करके आप इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है | 

Bihar Matsya Yojana 2026: Important Links

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निष्कर्ष (Conclusion)

Bihar Matsya Yojana 2026 के तहत मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए पात्र लाभार्थियों को ₹8 लाख से अधिक तक का अनुदान दिया जा सकता है। इच्छुक आवेदक ऑनलाइन आवेदन करने से पहले योजना की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और नियमों की जानकारी जरूर जांच लें।

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Neha Parjapati i is a writer at Shiksha Bindu, specializing in jobs, government schemes, admit cards, and results. Hailing from Gopalganj, Bihar, she has over two years of experience in this field. Currently, she is pursuing her graduation from Kamla Rai College while preparing for competitive exams.

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